पिता

पिता कितना प्यार करता है, वह जताता नही है बच्चो के लिए कभी करता है मेहनत मजदूरी शर्माता नहीं है , जिम्मेदारी का कितना बोझ है कभी बताता नही है, पिता के लिए कोई शब्द है ही नहीं इसलिए कोई लिख पाता नही है।